श्रीनगर। एनआईटी सुमाड़ी परिसर के निर्माण में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिए जाने, मालवाहक वाहनों, कैंटीन कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दिए जाने, बड़े वाहनों के संचालन से क्षतिग्रस्त हो रहे मार्गों का नव निर्माण कराए जाने आदि मांगों को लेकर स्थानीय लोगों ने एनआईटी परिसर का निर्माण कार्य रोका। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस प्रशासन और निर्माणदायी कंपनी के अधिकारियों को साथ नोक-झोंक भी हुई।एनआईटी सुमाड़ी परिसर के निर्माण में खालु, चमराड़ा, नयालगढ़, सुमाड़ी आदि गांवों के लोगों का कहना है कि उन्होंने एनआईटी के लिए निशुल्क भूमि दान दी है। जिसके बदले में प्रभावित भूमिधरों को रोजगार व अन्य कार्यों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। लेकिन एनआईटी कार्य में लगी कंपनियां इन मांगों को नजरअंदाज कर रही हैं। जिससे ग्रामीणों के हित प्रभावित हो रहे हैं। इसको लेकर कई बार ग्रामीण शासन-प्रशासन व एनआईटी के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रख चुके हैं।
शुक्रवार को एनआईटी के अधिकारियों ने महिला मंगल दल सुमाड़ी, नव युवक मंगल दल व अन्य लोगों के साथ बैठक कर मांगों के संदर्भ में वार्ता की, लेकिन वार्ता विफल रही। विरोध स्वरूप पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने शनिवार को एनआईटी परिसर का निर्माण कार्य रोक कर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों के रोष को देखते हुए सैम इंडिया बिल्टवेल प्रा. लि. कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रशासन की मध्यस्थता में 28 जनवरी को बैठक करने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीण शांत हुए। मौके पर रंजना काला, सुमन काला, रेखा देवी, बबीता देवी, कौशल्या देवी, मनोरमा देवी, मनोज भट्ट, अंकित काला, प्रियांशु मुयाल, अनुज जोशी, निखिल मुयाल आदि मौजूद रहे।