चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब ने कहा कि पहाड़ के गांवों को खंडहर होने से बचाने के लिए चकबंदी आवश्यक है। चकबंदी को लेकर उत्तराखंड की सरकारों ने कोई ठोस पहल नहीं की है। वर्ष 2016 में सरकार ने कदम जरुर उठाया, लेकिन वह साकार रूप नहीं ले पाया है।
मंगलवार को चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब ने गांव में सादगी के साथ अपना 86वां जन्मदिन मनाया। गरीब ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए खेतों की चकबंदी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में खेतीबाड़ी को बचाने के लिए महज घोषणाएं करना ठीक नहीं है। इसके लिए इच्छा शक्ति जरूरी है। पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि गरीब क्रांति को साकार रूप देने के लिए नई सरकार बनने के बाद और मुखरता से उठाया जाएगा। जगमोहन डांगी ने कहा कि चकबंदी आंदोलन के प्रणेता की सरकार सुध नहीं ले रही है। नई सरकार को प्रदेश में चकबंदी जल्द प्रभावी बनाना चाहिए।