पौड़ी। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। राज्य आंदोलनकारी नए आवेदनों व लंबित प्रकरणों को लेकर नाराज हैं। सोमवार को आक्रोशित राज्य आंदोलनकारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला मुख्यालय के स्व. एचएन बहुगुणा मूर्तिस्थल पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के समक्ष बैठक गए। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी मंच की प्रदेश सचिव बीरा भंडारी ने कहा कि राज्य गठन को लेकर लोगों ने पुलिस-प्रशासन के लाठी-ठंडे खाए। लेकिन अब उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन में आंदोलनकारियों के नए आवेदन काफी समय से लंबित हैं। जिन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कहा कि पूर्व में डीएम ने इसे लेकर बैठक आयोजित की थी। वह भी बेनतीजा रही। जिससे आंदोनलकारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। कहा कि जिला प्रशासन का यही आलम रहा तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस मौके पर थामेश्वर प्रसाद, विनोद सिंह, जोगेश्वर प्रसाद, हरिओम पाल, विनोद रावत, इंदु जुयाल और महेंद्र रावत आदि शामिल थे।
यह था मामला
पौड़ी। दरअसल जिला प्रशासन के पास वर्ष 2017 में 139 ने राज्य आंदोलनकारी के रूप में आवेदन किया था। करीब सात साल बीतने के बाद भी प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में प्रशासन ने पूरे मामले की जांच करवाई। जिसमें चार के दस्तावेजों को सही ठहराते हुए उन्हें राज्य आंदोलनकारी का कार्ड जारी हुआ। जबकि अभी 135 आवेदनों में जांच चल रही है।
12जेएनडी26: शौर्य मलिक।
12जेएनडी26: शौर्य मलिक।
12जेएनडी26: शौर्य मलिक।
12जेएनडी26: शौर्य मलिक।