पौड़ी। राजकीय शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में शिक्षकों ने कहा कि स्कूलों के कोटिकरण में संशोधन के बाद ही शिक्षकों के तबादले किए जाएं। बैठक में देहरादून में आयोजित जनता दरबार में शिक्षिका उत्तर बहुगुणा के खिलाफ हुई कार्रवाई की निंदा की गई।
शिक्षक संघ की मंडल मुख्यालय में हुई बैठक में शिक्षकों ने कहा कि तबादलों के नाम पर मात्र दस फीसदी तबादले होना शिक्षकों के साथ छलावा है। तबादला एक्ट के लागू होने से सभी शिक्षकों को पारदर्शी तबादलों की आस जगी थी लेकिन कोटिकरण सही तरीके से न किए जाने से शिक्षकों को निराश होना पड़ा है। शिक्षकों ने कहा कि बिना कोटिकरण संशोधन के तबादले किया जाना न्यायसंगत नहीं है। बैठक में शिक्षकों के सातवें वेतनमान का अवशेष भुगतान, पुरानी पेंशन बहाली, जनपद में श्रेष्ठ अंक वाले बोर्ड परीक्षार्थियों एवं श्रेष्ठ परीक्षाफल देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने, न्यून परीक्षा फल वाले शिक्षकों को बगैर जांच के दंडित न करने की मांग की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष जयदीप रावत, भवान सिंह नेगी, मनोज काला, लक्ष्मण सिंह रावत, रघुराज चौहान, धर्म सिंह, मुकेश कुमार, अमित नौटियाल, सोहन लिंगवाल, नरेंद्र सिंह नेगी, कमलेश मिश्रा, एमएस भंडारी और बीएस रावत आदि मौजूद रहे।