श्रीनगर। यूनिवर्सिटी मिशन ऑफ अवेयरनेस ऑन नमामि गंगे (उमंग) की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनजागरूकता अभियान के लिए गंगा की स्वच्छता एवं गंगा संरक्षण विषय पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल व उमंग के कोर्डिनेटर एससी बागड़ी ने किया।
शनिवार को बिड़ला परिसर के एसीएल हॉल में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता सचिदानंद भारती ने छात्रों के समक्ष जल संरक्षण पर विचार व्यक्त किए। गति फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने उत्तरकाशी शहर का उदाहरण देते हुए कूड़ा निस्तारण की समस्या को विस्तार से समझाया। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में डा. आलोक सागर गौतम ने उत्तराखंड में बादल फटने की घटनाओं के बारे में छात्रों को बताया। इसके अलावा कल्याण सिंह गणेश प्रसाद कुकसाल, डा. मोहन पंवार आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डा. प्रभाकर प्रसाद बडोनी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. आरसी शर्मा, डा. डीपी जोशी, डा. सर्वेश उनियाल, महेश डोभाल, डा. राकेश मोहन नैथानी, प्रो. मोनिका गुप्ता, प्रो. पीएस राणा आदि मौजूद थे।
उमंग के डा. सर्वेश उनियाल ने बताया कि जल्द शहर में थैला रखो गैला (साथ) अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत शहर में लोगों को कपड़े का थैला वितरित किया जाएगा। जिससे कि शहर पॉलीथीन मुक्त हो सके।