पौड़ी। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लगातार उपेक्षा पर आशा कार्यकर्ता भड़की हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जिला मुख्यालय पौड़ी में आशा कार्यकत्री संगठन ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर संगठन की जिलाध्यक्ष सुमति थपलियाल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में बेहतर सेवाएं दे रही हैं, लेकिन सरकार उनकी सेवाओं के लिए न्यूनतम वेतन तक निर्धारित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के इसी उपेक्षापूर्ण व्यवहार से आशा कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है। आशा कार्यकर्ता लंबे समय से न्यूनतम मानदेय 18 हजार किए जाने, ईपीएफ, पेंशन का भुगतान करने, दुर्घटना व मृत्यु पर पांच लाख का बीमा, पदोन्नति दिए जाने, साल में दो बार ड्रेस दिए जाने, चिकित्सालयों में विश्राम गृह की व्यवस्था किए जाने सहित 10 सूत्री मांगों के समाधान की गुहार लगा रही हैं। इस अवसर पर नंदा चमोली, रजनी रावत, सुनीता गुसाईं, सावित्री रावत, धनमंती जुयाल, मनोरमा व विजयलक्ष्मी आदि मौजूद थे।