पौड़ी। फायर सीजन शुरू होने से पहले जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने वनाग्नि प्रबंधन योजना की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से समन्वय व सहभागिता के माध्यम से वनों को संवारा जा सकता है। उन्होंने वन विभाग व तहसील के अधिकारियों को वनाग्नि थामने की दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
शनिवार को विकास भवन सभागार में वनाग्नि प्रबंधन योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि वनाग्नि वनों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे जीव जगत के लिए घातक होती है। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने की दिशा में वन विभाग, तहसील व ग्रामीणों के बीच समन्वय और सहभागिता होनी आवश्यक है। उन्होंने तहसील के अधिकारियों को वन विभाग से वन पंचायतों की सूची, धनराशि का विवरण व उपयोग की जानकारी तत्काल लिए जाने के निर्देश दिए। गढ़वाल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी लक्ष्मण सिंह रावत ने बताया कि जनपद में 227 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। इस अवसर पर एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, सीडीओ दीप्ति सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी संत लाल, एसडीओ एमके बहुखंडी, रेंजर अनिल कुमार, दिनेश चंद्र जोशी, पैठाणी रश्मि ध्यानी आदि मौजूद थे।