श्रीनगर। विकास खंड कोट के ग्रामीणों को पालिका में शामिल किए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर ग्रामीणों में मतभेद पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में सभी सुविधाएं मौजूद है। ऐसे में गांव को पालिका में शामिल किए जाने पर ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पांच मार्च को बिल्वकेदार व नकोट गांव को पालिका में शामिल करने की घोषणा की थी। पूर्व में भी उफल्डा के ग्रामीणों ने पालिका में शामिल किए जाने का विरोध किया। बावजूद इसके उन्हें पालिका में शामिल कर दिया गया है। प्रधान रजनी देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर कई लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई है। वहीं उनकी ग्राम पंचायत की कई हेक्टेयर भूमि भी पालिका के अधिकार में चली जाएगी। कहा कि पालिका में शामिल किए जाने से ग्रामीणों को फायदा कम और नुकसान अधिक होगा। ब