श्रीनगर। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए खुशखबरी है। शासन ने यहां के लिए 22 नियमित सहायक प्रोफेसरों (विशेषज्ञ चिकित्सकों) को नियुक्त कर दिया है। चार डॉक्टरों ने संस्थान में ज्वाइनिंग दे दी है, जबकि शेष डॉक्टर दो सप्ताह के अंदर ज्वाइनिंग दे देंगे।
उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्तित्व में आने के बाद से मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में नियमित फैकल्टी (संकाय सदस्यों)/विशेषज्ञ चिकित्सकों की कवायद चल रही थी। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड की ओर से सहायक प्रो. के रिक्त 138 पदों हेतु 26 सितंबर 2018 को विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसके बाद 28 जनवरी से 7 फरवरी तक अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हुए। इसमें 88 डॉक्टरों का चयन किया गया। शासन ने डॉक्टरों को राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून व अल्मोड़ा में तैनाती दे दी है। प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि 22 सहायक प्रोफेसर मिले हैं। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से नवनियुक्त सहायक प्रो. की सूची उपलब्ध करा दी गई है। चार चिकित्सकों ने ज्वाइन भी कर लिया है।
वहीं नियमित सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्त डा. जानकी, डा. वंदना शर्मा, डा. अमित केसरी और डा. नियति ऐरेन श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पहले से ही संविदा में कार्यरत थे। नियमितीकरण होने पर उनको श्रीनगर में ही प्लेसमेंट मिला है।
खुलेंगे ओपीडी के ताले
श्रीनगर। मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट रोग और पीएमआर (फिजिकल मेडिसिन एंड रिहेबिटिलेशन) में लंबे समय बाद फैकल्टी उपलब्ध हुई है, यहां एक भी फैकल्टी नहीं थी। इसके अलावा जनरल मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन ब्लड बैंक, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में फैकल्टी काफी कमी चल रही थी। जनरल मेडिसिन में दो व स्त्री रोग विभाग में मात्र तीन विशेषज्ञ चिकित्सक होने से बेस अस्पताल की ओपीडी प्रभावित हो रही थी।