पौड़ी। बैंकों से कर्ज लेकर कई कर्जदार अब बैंकों के नजदीक ही नहीं फटक रहे हैं। जिले के कुल 18 बैंक और उनकी शाखाओं में छह करोड़ 95 लाख 88 हजार से अधिक की वसूूली के लिए 129 लोगों की आरसी काटी गई है और अब राजस्व विभाग कर्जदारों की तलाश में जुटा हुआ है।
पौड़ी में बैंकों ने अप्रैल से अब तक 273 लोगों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में ऋण वितरित किया, लेकिन वसूली की चाल बेहद धीमी है। बैंकों ने लघु उद्योग, दुग्ध पालन, कुक्कुट पालन समेत अन्य योजनाओं में कर्ज बांटे। कर्ज बांटने के बाद अब ऋण दाता बैंक में किश्त जमा नहीं कर रहे हैं। बैंकों ने ऐसे कर्जदारों की आरसी काटने के साथ ही तहसील को सूची भेज दी है और अब तहसील के अमीन कर्जदारों की तलाश में हैं। बैंक मैनेजर अब ऋण आवंटित करने से पहले कर्ज लेने वाले की पूरी तफ्तीश के साथ ही उससे उतनी ही राशि के भूमि व भवन को अमानत के रूप में ले रहे हैं। बैंकों के इस रवैये से ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
ऋण जमा अनुपात घट रहा है और यह बेहद चिंता का विषय है। बैंक अपने स्तर से वसूली की कार्रवाई तो कर रहे हैं, लेकिन इसमें अभी तक कोई खास इजाफा नहीं है।
-नंद किशोर, चीफ मैनेजर, जिला अग्रणी बैंक।
कोट
राजस्व वसूली के बारे में तहसीलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वसूली की कार्यवाही तेज करें। तहसील स्तर पर लगातार वसूली की जा रही है और इसकी हर माह समीक्षा के आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
-सुशील कुमार, जिलाधिकारी गढ़वाल।