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Pauri News: 29 हजार मतदाता करेंगे मेयर के पांच प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला

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श्रीनगर। नगर निगम श्रीनगर में मेयर के पांच प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 29094 मतदाता करेंगे। यहां मुख्यत: भाजपा-कांग्रेस सहित दो निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलाकर चतुष्कोणीय मुकाबला बताया जा रहा है। सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर आश्वस्त हैं।नगर निगम श्रीनगर में इस बार 14139 महिला मतदाता व 14948 पुरूष मतदाताओं के लिए सात अन्य मतदाता भी शामिल हैं। यहां मेयर के लिए यूकेडी सहित पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से आशा उपाध्याय, कांग्रेस से मीना रावत, निर्दलीय आरती भंडारी व निर्दलीय पूनम तिवाड़ी सहित यूकेडी प्रत्याशी सरस्वती देवी ने अपनी जीत के लिए पूरा जोर लगाया हुआ है। भाजपा ने जहां प्रत्येक वार्ड में छोटी-छोटी बैठकों के अलावा रैली व जनसभा कर अपनी मजबूती के लिए जुटी रहीं, वहीं कांग्रेस व निर्दलीय प्रत्याशी भी प्रचार व चुनावी वादों में कहीं पीछे नहीं रहे। प्रचार में निर्दलीय प्रत्याशियों ने राष्ट्रीय पार्टियों को बराबर की टक्कर देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। अब जीत किसके पाले में आएगी यह स्थिति 25 जनवरी को ही स्पष्ट हो पाएगी।
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40 वार्डों के 39 पार्षदों के लिए होगा मतदान

नगर निगम क्षेत्र में 40 वार्ड बनाए गए हैं। जिसमें से एक वार्ड में पार्षद के लिए भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इस कारण 39 वार्डों के लिए ही पार्षद के लिए मतदान होगा।





निगम में जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं पर रहा ज्यादा फोकस



पूरे चुनाव प्रचार के दौरान मेयर पद के प्रत्याशियों का ज्यादा फोकस निगम में जुड़े 21 गांवों के ग्रामीण मतदाताओं पर रहा। इन गांवों के मतदाता पहली बार पंचायत चुनाव से हटकर निकाय चुनाव में प्रतिभाग करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जीत के लिए इनका मतदान निर्णायक भूमिका में रहेगा। जिस भी प्रत्याशी की इन वोटों पर सेंधमारी रहेगी वह मेयर की कुर्सी के उतने ही करीब रहेगा।
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कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब

नगर निगम चुनाव में कई लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होने की शिकायतें भी मिली हैं। लोगों का कहना है कि जो यहां पुश्तैनी रूप से रह रहे हैं, उनके नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं हैं। इससे उन्हें मतदान से वंचित होना पड़ रहा है। इसके अलावा वार्डों के सीमांकन से भी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं, बताया जा रहा है कि कई लोगों के नाम अपने वार्डों से हटकर दूसरे वार्डों में हैं। इससे नाम ढूंढने में बड़ी परेशानियां हो रही हैं।
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