पौड़ी। जन कवि गिरीश तिवारी गिर्दा की नवीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों, कलाकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में गिर्दा के सामाजिक योगदान को याद किया गया। कहा गया कि जन कवि गिर्दा हमेशा अत्याचार और गलत बातों का विरोध करते थे। वक्ताओं ने कहा कि गिर्दा की लोकगायन की अलग शैली थी। वे रंगमंच से भी जुड़े थे। उनका अपनी माटी के प्रति असीम प्रेम था जो उनकी अनेक कविताओं में झलकता है। उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष बिमल नेगी, सचिव एल मोहन कोठियाल, कोषाध्यक्ष नेता सुरेंद्र सिंह रावत, ट्रैकर प्रशांत नेगी, नागरिक कल्याण मंच के संयोजक रघुवीर सिंह रावत, केदार सिंह गुसाईं, गिरीश बर्थवाल, चित्रकार आशीष नेगी एवं विनय शाह ने गिर्दा को श्रद्धांजलि दी।
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विभिन्न संगठनों ने जन कवि गिर्दा को दी श्रद्धांजलि
गोपेश्वर। अजीम फाउंडेशन की ओर से जन कवि गिरीश तिवारी गिर्दा की पुण्य तिथि पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में गिर्दा के गीत, कविताओं और सामाजिक जीवन पर चर्चा की गई। इस दौरान नगर के विभिन्न संगठनों से जुडे़ लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ उनके जनगीत जैंता इक दिन त आलो उ दिन ईं दुनी मां... के साथ किया गया। इस दौरान भाकपा माले के इंद्रेश मैखुरी ने उनके गीतों के बारे में बताया। क्रांति भट्ट और जगमोहन चोपता ने उनकी रचनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर मालती हालदार, डा. दर्शन सिंह नेगी, मीनाक्षी, भीम सिंह, सतीश चंद्र जोशी, ज्ञानेंद्र खंतवाल, सिंधू खंतवाल, जितेंद्र सिंह नेगी, दीवान सिंह नेगी और महेंद्र सिंह राणा आदि मौजूद थे।