पौड़ी। पलायन आयोग की टीम प्रदेश के गांवों के हालात जानने के लिए पहली से 25 जनवरी तक सर्वे करेगी। इस सर्वे के बाद गांवों में पलायन की स्थिति का पता चल सकेगा और गांवों से पलायन रोकने के लिए कौन-कौन सी योजनाएं जरूरी है, उस पर मंथन किया जाएगा। वीडीओ, एवीडीओ और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
गांवों की वर्तमान स्थिति के आकलन के लिए 24 बिंदुओं का एक चार्ट तैयार किया गया है। सर्वे के बाद चार्ट से यह भी साफ हो जाएगा कि गांवों में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की स्थिति क्या है। ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त डॉ. आरएस पोखरिया ने यह चार्ट तैयार किया है, जिसे खंड विकास अधिकारियों को भेज दिया गया है। ग्राम्य विकास को भरोसा है कि सर्वे के बाद पलायन आयोग के पास उत्तराखंड के हरेक गांव की डिटेल होगी और यह भी साफ हो जाएगा कि पलायन की असली वजह क्या है।
डॉ. आरएस पोखरिया ने बताया कि जनवरी अंत तक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद गांवों की विकास योजनाओं पर भी नए सिरे कार्य शुरू होगा।