पौड़ी। जिले में चीड़ का जंगल ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार की राह खोलने जा रहा है। जनपद के चार क्षेत्रों को पिरुल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए चयनित किया गया है। इन प्लांटों में 97 हजार मीट्रिक टन से अधिक पिरुल एकत्र कर करीब 15 हजार किलोवाट विद्युत उत्पादन किया जाएगा।
मुख्यालय पौड़ी में पिरुल पावर प्लांट के जिला स्तरीय नियोजन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पिरुल की ऊर्जा से विद्युत उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए जनपद में पिरुल के चार प्लांट लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन प्लांटों से जनपद के पिरुल आच्छादित क्षेत्रों के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। उरेडा के परियोजना अधिकारी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि जनपद के पैठाणी, लैंसडौन, धुमाकोट व बैजरों में पिरुल पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन प्लांटों में 97421 मीट्रिक टन पिरुल एकत्र किया जाएगा, जिससे करीब 15 हजार किलोवाट विद्युत उत्पादन किया जाएगा। गुप्ता ने बताया कि प्लांट लगाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदकों को उद्योग विभाग व बैंकों से अनुदान पर ऋण का प्रावधान भी है। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को आवेदनों के आवंटन पर निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल लक्ष्मण सिंह रावत, विद्युत वितरण खंड पौड़ी के ईई अभिनव रावत, प्रबंधक उद्योग केंद्र एचसी हटवाल, जेई संदीप कुमार व रेंज अधिकारी कोटद्वार आरपी पंत आदि मौजूद थे।