श्रीनगर। गढ़वाल विवि के चौरास परिसर में फैकल्टी डेवलमेंट सेंटर में शिक्षकों के लिए प्रवेशण प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें शैक्षणिक व शोध क्रियाकलाप, पाठ्यक्रम तैयार करने की विधियों सहित अन्य विषयों पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सफल शिक्षक होने के लिए शिक्षण एवं शोध की गुणवत्ता व शिक्षक का प्रेरक व्यक्तित्व, समयानुकूल प्रशिक्षण व अद्यतन विकसित होते ज्ञान के विविध आयामों की समझना आवश्यक है। कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के माध्यम से योग्य मानव संसाधन तैयार होते है।
बुधवार को चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में पं. मदन मोहन मालवीय मिशन फार टीचर्स एंड टीचिंग के तहत विवि के फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की ओर से एक माह का प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। प्रशिक्षण शिविर में देशभर के 30 से अधिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों की गुणवत्ता को बढ़ाकर शैक्षणिक संस्थान वर्तमान मानकों पर खरा उतर सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के माध्यम से ही योग्य मानव संसाधन तैयार किए जा सकते हैं।
विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य में अनुशासन हीनता तथा अराजकता जैसे मुद्दों के समाधान स्वरूप शिक्षकों को अनुशासन के लिए इस तरह प्रशिक्षित किया जाना चाहिए कि वह छात्रों में अपेक्षित अनुशासन एवं समुचित ज्ञान के प्रति निष्ठा का भाव जागृत कर सके। एफडीसी की निदेशक प्रो. इंदु पांडे ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता और योग्यता को बढ़ाना है। कार्यक्रम का संचालन डा. कविता भट्ट ने किया। इस दौरान प्रो. विनोद नौटियाल, प्रो. आरसी शर्मा, प्रो. अरुण बहुगुणा, प्रो. एसएस रावत, प्रो. मृगेंद्र सिंह, प्रो. विनीत शर्मा, डा. मोहन पंवार, डा. आरएस नेगी, डा. सीमा धवन आदि मौजूद थे।