श्रीनगर। प्रगतिशील जनमंच के तीन सदस्यीय शिष्टमंडल ने दिल्ली में एनआईटी के संबंध में सांसदों और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से वार्ता की। शिष्टमंडल ने बताया कि एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण शुरू कराने और सेटेलाइट कैंपस को जयपुर से वापस श्रीनगर लाने का आश्वासन मिला है।
एनआईटी, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और मेडिकल कॉलेज सहित अन्य मुद्दों के लिए प्रजम आंदोलनरत है। शनिवार को प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, संयोजक जेपी पुरी और प्रवक्ता सुरजीत बिष्ट ने दिल्ली में संासद बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी और पीएमओ के सचिव से एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण और सेटेलाइट कैंपस व्यवस्था समाप्त करने के संबंध में मुलाकात की।
उन्होंने सभी को एनआईटी से संबंधी ज्ञापन और पत्रावलियां सौंपते हुए कहा कि सुमाड़ी में स्थायी परिसर हेतु शिलान्यास हो चुका है। पेड़ भी कट चुके थे, लेकिन एनआईटी के कुछ अधिकारी नहीं चाहते थे कि पहाड़ में एनआईटी बने। इसलिए गलत तथ्य पेश कर जमीन को अनुपयुक्त बता दिया गया। वहीं श्रीनगर स्थित अस्थायी कैंपस में सुविधाओं का हवाला देते हुए एनआईटी जयपुर में सेटेलाइट कैंपस बनाकर अधिकांश बच्चों को वहां शिफ्ट कर दिया गया।
उन्होंने उपलब्ध जमीन और संसाधनों का ब्यौरा भी सांसद व सचिव को देते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने और वर्ष 2019-20 से श्रीनगर में पुन: कक्षा संचालन की मांग की। साथ ही एनआईटी के छात्रों को आंदोलन के लिए भड़काने के लिए जिम्मेदारी अधिकारियों, शिक्षकों और सीनियर छात्रों को दंडित करने की भी मांग की।