राज्य महिला आयोग ने प्रदेश के नारी निकेतनों में पाई गईं कमियों के आधार पर 27 बिंदुओं पर सुझाव दिए हैं। मंगलवार को आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने सचिवालय में राज्यपाल को जांच रिपोर्ट सौंपी।
यह रिपोर्ट प्रदेश के नारी निकेतनों के निरीक्षण के बाद तैयार की गई। इसमें नारी निकेतन प्रबंधनों को सफाई और चिकित्सीय व्यवस्था में सुधार करने के लिए सुझाव दिए गए हैं।
बता दें कि जनवरी, 2016 में शासन ने नारी निकेतन प्रकरण की जांच के लिए समिति का गठन किया था। कमेटी में महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी, संतोष चौहान, अधिवक्ता आलोक घिल्डियाल, आयोग की सदस्य सचिव सुजाता सिंह आदि शामिल थीं।
नारी निकेतन देहरादून से मानव तस्करी संबंधी शिकायतें आधारहीन
जांच के दौरान समिति ने उन संवासिनियों के संबंध में भी जानकारी ली, जो नारी निकेतन से अपने घर चली गईं। स्थिति देखने के बाद समिति ने स्पष्ट किया कि नारी निकेतन देहरादून से मानव तस्करी संबंधी शिकायतें आधारहीन हैं। समिति ने देहरादून के अलावा अल्मोड़ा और हल्द्वानी के नारी निकेतनों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निकेतनों में पाई गईं कमियों के आधार पर साफ सफाई की व्यवस्था, प्रशिक्षण, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाओं में सुधार के लिए 27 बिंदुओं पर सुझाव दिए।
राज्यपाल को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद राज्य में महिलाओं की स्थिति और सुधार पर भी चर्चा की गई। आयोग की अध्यक्ष ने राज्यपाल को एक तैल चित्र भेंट किया।