तपोवन क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण एक बार फिर देवखड़ी नाला उफान पर आ गया। उधर वन विभाग की ओर से बनाई गई पत्थरों की वायरक्रेट दीवार भी एक जगह से बैठ गई। इस कारण नाले से हुए पानी के रिसाव के कारण कृष्णा विहार, गायत्री नगर क्षेत्र की सड़कों में दोबारा मलबा भर गया। अब लोग ही प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली में सवाल उठा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि ये प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही है। बोले हमने पहले ही कह दिया था कि इसका ये स्थाई समाधान नहीं है।
रविवार को तपोवन क्षेत्र में अतिवृष्टि हुई। अतिवृष्टि के कारण देवखड़ी नाला उफान में आ गया। नाला उफान पर आने के कारण वन विभाग की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार एक ओर से बैठ गई। इससे हुए पानी के रिसाव से कृष्ण विहार और गायत्री नगर की सड़कों पर मलबा और पानी भर गया। गनीमत रही कि बारिश रुक गई। इस कारण लोगों के घरों में पानी घुसने से बच गया। उधर पानी और मलबा आने से लोगों का सड़कों पर चलना दूभर हो गया है।
बता दें कि 19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन तपोवन क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण कारण करीब 180 घरों से अधिक घरों में मलबा और पानी घुस गया था। इससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। वन विभाग ने 20 अगस्त से वायर क्रेट से पत्थरों की दीवार बनाने का काम किया। लोग बताते हैं कि 10 दिन पूर्व ही दीवार का काम पूरा हुआ है।
क्या बोले लोग-
पूरे आंगन में जलभराव हो गया है। इससे आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वायरक्रेट लगाना इसका समाधान नहीं है। वायरक्रेट से पानी निकलकर नुकसान पहुंचा रहा है। सीसी दीवार लगाकर जलभराव को रोका जाए।
लाखों रुपये खर्च कर सुरक्षा दीवार बनाई, 10 दिन भी नहीं हुए और यह बैठ गई है। आज फिर वही हालत हो गई है। मलबा और बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस आया है।
-कमला पांडे, कृष्ण विहार
वायरक्रेट से पानी रिसाव कर रहा है। पूरा नाला लोगों के घरों में घुस आया है। जब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया जाएगा दिक्कतें बनी रहेंगी। सरकार को जल्द से जल्द कार्यों के लिए धनराशि देनी चाहिए।
ये प्रशासन की नाकामी है। अगर हम लोगों को कुछ हो गया तो शासन-प्रशासन या विभागीय अधिकारी कौन जिम्मेदार रहेगा। आपदा राहत के कार्यो के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। स्थाई सुरक्षा कार्यों के लिए सरकार कब धनराशि देगी।
-गणेश दत्त जोशी, कृष्ण विहार
लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सुरक्षा कार्यों के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई है। जल्द से जल्द स्थायी समाधान किए जाए। जब कोई जनहानि होगी क्या तब शासन-प्रशासन हरकत में आएंगे।
-षष्टी बल्लभ जोशी
सिटी मजिस्ट्रेट, निगम के अधिकारियों ने किया निरीक्षण
सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई और नगर निगम के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। एपी वाजपेई ने बताया कि वायरक्रेट डिस्लोकेट हुए हैं। इस कारण सड़कों पर मलबा आ गया है। पानी भी भरा है। निगम की टीम सफाई कर रही है। नाले को सही करने के लिए वन विभाग ने जेसीबी भेजी है। वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। सिंचाई विभाग के एई को तकनीकी सहायता के लिए भेजा गया है।