नैनीताल। देशभर में चुनौती बन चुके प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने नैनीताल और मसूरी को पायलट प्रोजेक्ट के तहत ‘प्लास्टिक फ्री जोन’ बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए यहां वाटर एटीएम व बांस की बोतलें दी जाएंगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 2.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
योजना के पहले चरण में मसूरी की प्रसिद्ध मॉल रोड और नैनीताल को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र में बदला जाएगा। अकेले नैनीताल में इस योजना पर 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नैनीझील के चारों ओर स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर एटीएम. लगाए जाएंगे जिससे पर्यटकों को पैकेज्ड प्लास्टिक पानी की बोतलें खरीदने की आवश्यकता न पड़े। झील में नौकायन करने वाले पर्यटकों को प्लास्टिक बोतलों के विकल्प के रूप में बांस (बैंबू) की बोतलें दी जाएंगी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर बांस की बोतलें बनाने की इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इससे स्थानीय महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय होटल स्वामियों, रेस्टोरेंट संचालकों और नौका चालकों को जोड़कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर पड़ेगा दूरगामी प्रभाव
प्रतिवर्ष प्लास्टिक कचरा नदियों और झीलों में पहुंचकर सैकड़ों वर्षों तक अपघटित नहीं होता जिससे जल और मृदा प्रदूषण गंभीर रूप ले लेता है। उत्तराखंड सरकार का यह कदम न केवल नैनीझील और पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र को बचाएगा बल्कि जलीय जीवों और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।