सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय रेलवे बाजार में वसंतपंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन के साथ 40 बटुकों का यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गोपाल दत्त त्रिपाठी के निर्देशन में मातृका पूजन, श्राद्ध, नवग्रह पूजन, कलश पूजन, सर्वतोभद्र पूजन किया गया। बटुकों द्वारा भिक्षाटन काफी लुभावना रहा। मुंडन कराए बटुकों को देखने के लिए सड़क पर लोग खड़े हो गए थे।
आचार्यों के सहयोग से सुबह से ही पूजा आरंभ कर दी गई थी। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. गोपाल दत्त त्रिपाठी ने वसंतपंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि मां सरस्वती का श्रद्धा भाव से पूजन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। डां. नवीन चंद्र बेलवाल ने कहा कि आज कल विद्यार्थी संस्कारों के प्रति ध्यान नहीं देते हैं।
इसी कारण मुख्य धारा से भटक जाते हैं। इस मौके पर विभिन्न स्थानों से आए यजमानों ने बटुकों को गायत्री मंत्र का स्मरण कराया।. अंत में भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष हरीश चंद्र बेलवाल, चंद्रशेखर भट्ट, महेश चंद्र जोशी, जानकी त्रिपाठी, नीरज कुमार जोशी, प्रबंधक नीरज प्रभात गर्ग, प्रदीप पांडेय, मदन मोहन जोशी सहित काफी छात्र उपस्थित रहे।