नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम सफाई के मामले में आगे बढ़ रहा है लेकिन संसाधन और बजट का अभाव दिक्कत बना हुआ है। नगर निगम के 60 वार्डों में 71 वाहनों से कूड़ा उठा रहा है। इसके बाद भी नए वार्डों में एक दिन छोड़कर दूसरे दिन कूड़ा वाहन आ रहे हैं। निगम में शामिल नए गांवों में मानकों के अनुसार सफाई कर्मी नहीं हैं। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए भी पर्याप्त अधिकारी नहीं हैं।
पांच लाख आबादी वाले नगर निगम में 60 वार्ड हैं। पुराने वार्ड, मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बेहतर है जबकि निगम में शामिल नए वार्डों में सफाई व्यवस्था औसत है। मुस्लिम बहुल इलाकों में सफाई व्यवस्था खराब है। जागरूकता के अभाव में लोग नाले-नालियों में कूड़ा डाल रहे हैं। इस कारण यहां आए दिन नाले-नालियां चोक हो जाती हैं। सभी वार्डों में नगर निगम की डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहन चलते हैं। नए वार्डों का दायरा बड़ा होने के कारण यहां वाहन एक दिन छोड़कर दूसरे दिन आते हैं।
चार करोड़ खर्च के बाद भी ट्रंचिंग ग्राउंड की स्थिति खराब
35 लाख का जटायू फांक रहा धूल
नगर निगम कूड़ा उठाने से लेकर फेंकने तक के कार्य में मशीन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। निगम ने सफाई के लिए विदेशों में चलने वाली एक मशीन ले ली। इसके लिए निगम ने 34 लाख रुपये खर्च किए लेकिन यह मशीन दो महीनों में ही खराब हो गई। अब नगर निगम की पार्किंग में यह मशीन धूल फांक रही है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह मशीन पूरे भारत में फेल हो गई है। लेते समय इस बारे में नगर आयुक्त को बताया था लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं मानी।
ये है निगम के पास -
इन संसाधनों के लिए निगम ने शासन से मांगा है बजट -
नगर निगम लगातार सफाई व्यवस्था बेहतर करने के प्रयास कर रहा है। निगम के वार्डों का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण सफाईकर्मियों की कमी है। नए वार्डों में दो-दो कूड़ा उठाने वाले वाहनों की आवश्यकता है। बनभूलपुरा हिंसा में वाहन और जेसीबी जल गई थी। इन सभी के लिए शासन से बजट मांगा गया है।