उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नगर पंचायत पुरोला के अध्यक्ष द्वारा सरकारी भूमि के दुरुपयोग के मामले में सरकार से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। मामले पर अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
हाईकोर्ट ने नगर पंचायत पुरोला के निवर्तमान चेयरमैन पर वित्तीय अनियमितता करने और सरकारी भूमि का दुरुपयोग करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को 24 घंटे के भीतर उनके कार्यकाल की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। जनहित याचिका में मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पुरोला के वार्ड मेंबर विनोद नौडियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि निवर्तमान नगर पंचायत चेयरमैन ने सरकारी जमीन पर न सिर्फ अपना होटल नेगी टावर बनाया है, बल्कि कई सरकारी जमीन को अधिकारियों के साथ मिलकर खुर्द-बुर्द किया है।
इससे पहले भी जांच हुई जिसमें वित्तीय अनियमितता करने के आरोप सही पाए गए लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई आज तक नहीं की। याचिका में सीबीआई या फिर एसआईटी से जांच कराने के साथ ही दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।