यह था मामला
अभियुक्तों के खिलाफ ग्राम लिस्वालता पट्टी कोट बंगर रुद्रप्रयाग निवासी महिला सरोजनी देवी के घर में डकैती करने, सरोजनी देवी की हत्या करने व लाश घर के पीछे छिपाने का आरोप था। इस घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, लेकिन लूटे गए कुछ जेवरात व रुपये आरोपियों के पास मिले थे। मृतका के बेटे विजय रावत ने घटना की प्राथमिकी 6 अप्रैल 2017 को पट्टी पटवारी के समक्ष दर्ज कराई थी। विजय रावत मुंबई में रहता था।
उसे 4 अप्रैल को अपनी मां के गायब होने की सूचना मिली थी। इसके बाद वह गांव आया। उसके पिता त्रिलोक सिंह और संजय युगांडा में थे। निचली अदालत से मिली सजा के खिलाफ सत्येश कुमार उर्फ सोनू व मुकेश थपलियाल ने हाईकोर्ट में अपील भी दायर की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने गवाहों के बयानों को गंभीर संदेह पैदा करने वाला बताया और अपीलकर्ताओं द्वारा ही महिला की हत्या की गई हो ऐसा विश्वास नहीं होना पाते हुए कहा कि गंभीर संदेह कभी प्रमाण का स्थान नहीं ले सकता।