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विवि को पता नहीं, कितने छात्र रहे परीक्षा से वंचित

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प्रतीकात्मक।
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नैनीताल। कोरोना संक्रमण के चलते कुमाऊं विश्वविद्यालय में हजारों विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। विवि प्रशासन ने अब इन विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी की हैै लेकिन ताज्जुब की बात है कि विवि प्रशासन को यह जानकारी ही नहीं है कि कितने बच्चे परीक्षा नहीं दे पाए थे।
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विश्वविद्यालय के डीआईसी निदेशक प्रो. संजय पंत का कहना है कि विवि ने संबद्ध परिसरों, महाविद्यालयों और संस्थानों से ऐसे विद्यार्थियों की सूची मांगी थी लेकिन अब तक विवि प्रशासन को सूची प्राप्त नहीं हुई है। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद ही अनुमान लगाया जा सकेगा कि कोरोना संक्रमण के चलते कितने छात्र परीक्षा से वंचित रहे। बता दें कि विवि वंचित रहे छात्रों की दोबारा परीक्षा 28 दिसंबर से कराने जा रहा है। इसके लिए 24 दिसंबर तक आवेदन करने का समय दिया गया है। वार्षिक और सेमेस्टर प्रणाली के वे छात्र जिनकी सितंबर में हुईं परीक्षाएं छूट गई थीं आवेदन कर सकते हैं।
स्नातक द्वितीय वर्ष में शुरू नहीं हुए दाखिले
हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय की लापरवाही से एमबीपीजी कॉलेज के हजारों छात्र-छात्राएं परेशान हैं। बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम वर्ष का परीक्षाफल घोषित होने के बाद अब तक विवि ने एमबीपीजी कॉलेज को डाटा नहीं भेजा है, इससे प्रथम वर्ष पास करने वाले विद्यार्थियों का अब तक द्वितीय वर्ष में दाखिला नहीं हो पाया है।
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विवि ने एमबीपीजी के बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथमवर्ष के 4223 विद्यार्थियों के रिजल्ट का डाटा नहीं भेजा है। प्राचार्य डॉ. बीआर पंत ने बताया कि इस वर्ष महाविद्यालय में सभी कक्षाओं में दाखिले ऑनलाइन किए जा रहे हैं और स्नातक द्वितीय वर्ष में भी दाखिले ऑनलाइन ही होने हैं। स्नातक प्रथम वर्ष का रिजल्ट का डाटा भेजने के बाद ही द्वितीय वर्ष में ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रवेश कमेटियां बना दी गईं हैं। विवि से परीक्षाफल का डाटा जल्द भेजने को कहा गया है।
परीक्षा दी फिर दिखा दिया अनुपस्थित
हल्द्वानी। विश्वविद्यालय की लापरवाही का आलम यह है कि बीए प्रथम वर्ष में इतिहास और समाजशास्त्र विषय की परीक्षा देने के बाद सैकड़ों छात्रों को परीक्षाफल में अनुपस्थित दर्शा दिया गया है। इस कारण कई छात्रों का परीक्षाफल खराब हो गया है। यह स्थिति एमबीपीजी कॉलेज ही नहीं बल्कि कुमाऊं के कई कॉलेजों के विद्यार्थियों को भुगतनी पड़ी है। छात्रों ने बताया कि उन्होंने इतिहास और समाजशास्त्र विषय का पेपर दिया था, लेकिन परीक्षाफल आया तो मार्कशीट में उन्हें अनुपस्थित दिखाकर नंबर नहीं दिए गए। इसके बाद विद्यार्थियों ने कॉलेज के परीक्षा विभाग से अपनी परीक्षा देने के बारे में उपस्थिति प्रमाणित कराके विश्वविद्यालय भेजी है। परीक्षा प्रभारी डॉ. नवीन भगत ने बताया कि परीक्षार्थियों की उपस्थिति प्रमाणित करके विश्वविद्यालय को परीक्षाफल सुधार के लिए भेज दी है।
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