पिछले दो सप्ताह से रामनगर के कानिया गांव में बाघ ने 5 से 6 गायों को मारा दिया गया था, इससे ग्रामीण दहशत में थे। वन विभाग ने कैमरा ट्रैप से लगाया तो बाघिन की उपस्थिति गांव में दिखाई दे रही थी। ऐसे में कॉर्बेट के वन कर्मचारियों ने रविवार रात भर रेस्क्यू अभियान चलाकर में दो बाघिनों को रेस्क्यू कर दिया। दोनों बाघिन मां-बेटी प्रतीत हो रही है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की बिजरानी रेंज के अंतर्गत डीसी ग्राम कानिया में बाघिन को रेस्क्यू करने के लिए कॉर्बेट के वरिष्ठ पशु चिकित्सा डॉ. दुष्यंत शर्मा के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम रविवार रात को कानिया क्षेत्र में रेस्क्यू करने पहुंची थी। रेस्क्यू टीम ने रात 10.30 के आसपास पहले एक से डेढ़ साल की उम्र की बाघिन को कानिया वन चौकी के पास ग्रासलैंड में रेस्क्यू किया।
इस बाघिन को जब ढेला रेस्क्यू सेंटर छोड़ने पहुंचे। तभी एक अन्य बाघिन की मौके पर होने की सूचना मिली। इसके बाद रेस्क्यू टीम फिर मौके पर पहुंची और रात करीब 1 बजे के आसपास दूसरी बाघिन को भी रेस्क्यू कर लिया। इस बाघिन की उम्र करीब 8 से 9 साल की बताई जा रही है। दोनों मां बेटी प्रतीत हो रही है और इन दोनों की कानिया क्षेत्र में लगातार मौजूदगी दिखाई दे रही थी।
फिलहाल दोनों बाघिनों को ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बिजरानी रेंज के रेंजर बीपी हरबोला ने बताया कि दो बाघिनों को रेस्क्यू कर लिया गया है फिर भी क्षेत्र में निगरानी की जा रही है।