किच्छा। चाचा की तेरहवीं में परिवार सहित बरेली जा रहे सेंचुरी पेपर मिल के इलेक्ट्रीशियन की कार हल्द्वानी रोड पर तीन मील के पास सामने से आ रही कार से टकरा गई। हादसे में दंपती की मौत हो गई, जबकि उनके दो बच्चे घायल हो गए। दूसरी कार में सवार बरेली निवासी तीन लोग भी जख्मी हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इलेक्ट्रीशियन की कार का अगला हिस्सा पिचक गया।
सोमवार सुबह लगभग 11 बजे ग्राम जवाहरनगर निवासी अमित सक्सेना (45) पुत्र स्व. सतीश सक्सेना अपनी पत्नी दीप्ति सक्सेना (44), पुत्र सार्थक (18) और पुत्री जाह्नवी (13) के साथ अपनी क्विड कार से महानगर बरेली निवासी अपने चाचा जगदीश चंद्र सक्सेना की तेरहवीं में शामिल होने के लिए बरेली जा रहे थे। इनसे कुछ आगे इनके भाई रूपक सक्सेना की कार थी। वह भी अपने परिवार के साथ थे। बताया जा रहा है कि तीसरे मील के निकट अमित की कार सामने से आ रही महिंद्रा एसयूवी से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अमित की कार उछलती हुई रेलवे लाइन वाली साइड में गड्ढे में जा गिरी और अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरी गाड़ी विपरीत दिशा में घूम गई।
राहगीरों की सूचना पर कोतवाल अशोक कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। अमित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने घायल बच्चों और दीप्ति को अस्पताल भिजवाया, जहां डाक्टरों ने दीप्ति को मृत घोषित कर दिया जबकि दोनों बच्चों के पैरों में गंभीर चोट आने पर उन्हें रुद्रपुर रेफरकर दिया गया। पिचक चुकी कार से अमित का शव निकालने के लिए पुलिस को कटर का सहारा लेना पड़ा। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह अमित का शव निकाला जा सका। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिये भिजवा दिए। सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस ने अनुसार दुर्घटनाग्रस्त दूसरी कार में सवार बरेली के राजेंद्र नगर निवासी सचिन रस्तोगी, भूपेंद्र पाल व कार चालक राजीव भी चोटिल हो गए। उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया।
कार काटकर निकाला शव
किच्छा। कार से अमित का शव निकालने के लिए पुलिस टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया था। अमित के शव को निकालने के लिए पुलिस को कटर से कार का दरवाजा काटना पड़ा। इस दौरान मौके पर लंबा जा लग गया।
अमित से आगे थी रूपम की कार
किच्छा। मृतक अमित के भाई रूपम सक्सेना ने बताया कि वह भी अपनी कार से बरेली जा रहे थे। वह कुछ देर पहले निकले थे। उनकी कार बहेड़ी पहुंची ही थी कि किसी ने फोन पर दुर्घटना की सूचना दी। इस पर वह वापस आ गए। इधर जब रूपम की दुर्घटनाग्रस्त कार के पास पहुंचे तो भाई को कार के अंदर फंसा देखकर बदहवास हो गए लेकिन भतीजे भतीजी को यादकर अपने आपको संभाला और दोनों से मिलने अस्पताल पहुंचे। रूपम की पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
बाइक सवार को बचाने में हुआ हादसा
किच्छा। जिस कार से अमित की कार की भिड़ंत हुई उसमें बैठे तीनों लोग भी घायल हो गए। इसमें बरेली के राजेंद्रनगर निवासी सचिन रस्तोगी अपने मित्र भूपेंद्र पाल के साथ किसी काम से हल्द्वानी जा रहे थे। बताया कि उनकी कार चालक राजीव चला रहा था। राजीव ने बताया कि वे सामान्य स्पीड से हल्द्वानी की ओर जा रहे थे। सामने से आ रही कार की स्पीड तेज थी। अचानक आए बाइक सवार को बचाने के चक्कर में सामने वाली कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
अस्पताल पहुंचे कई रिश्तेदार
किच्छा। बरेली से किच्छा पहुंचे अमित के बहनोई डॉ. संदीप इंदराल ने बताया कि अमित के बड़े भाई नीरज बरेली में रहते हैं, जबकि अमित और रूपम उत्तराखंड में जॉब करते हैं। हल्द्वानी से मृतका दीप्ति की दो बहनें भी परिजनों के साथ अस्पताल पहुंच गईं। बहनों ने बताया कि वे मूल रूप से पुवायां (शाहजहांपुर) निवासी हैं। दीप्ति को घर पर सभी प्यार से ‘बम-बम’ बुलाते थे। रो-रोकर दोनों बहनें बेसुध हो रही थीं।
मृतक दंपती का फाइल फोटो।- फोटो : KITCHHA