नगर निगम बोर्ड बैठक में भी अतिक्रमण और पार्किंग का मुद्दा छाया रहा। पार्षदों ने हंगामा कर निगम कर्मियों पर बाजार के फुटपाथ और सड़कों को नीलाम करने का आरोप लगाया। सदन की कार्रवाई के बीच में सफाई कर्मियों के अंदर घुसने से माहौल और गरमा गया।
कर्मियों ने भी बकाया वेतन और लंबित देयकों की मांग को लेकर नारेबाजी की। हंगामा होते देख मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने सड़क पर अतिक्रमण कर बनाई दुकानों को तोड़ने एवं सफाई कर्मियों का बकाया वेतन तीन दिन के भीतर दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही बोर्ड की कार्रवाई आगे बढ़ सकी।
बोर्ड के एजेंडे में 20 प्रस्ताव शामिल थे। बजट अनुमोदित होने के बाद पार्षदों ने बाजार क्षेत्र की सड़कों और फुटपाथ पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। पार्षद लईक कुरैशी ने कहा कि मीरा मार्ग डाकघर के पास कई दुकानदारों ने सड़क पर कब्जा कर दुकानें बढ़ाई हैं। निगम कर्मियों ने दुकानदारों से 90-90 हजार सुविधा शुल्क लिया है।
कुरैशी ने मेयर और निगम प्रशासन पर भी अंगुली उठाई। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत के बाद भी पिछले आठ महीनों से कार्रवाई नहीं सिर्फ टालमटोल हो रही है। बाकी पार्षदों ने भी अतिक्रमण और पार्किंग पर मेयर और प्रशासन को घेरा। पार्षदों ने कहा कि बाजार में जिन प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नैनीताल रोड के कई पार्कों में अवैध पार्किंग हो रही है। पार्कों को तत्काल खाली कराया जाए। मेयर ने उप नगर अधिकारी को अतिक्रमण का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा जिन दुकानदारों ने अतिक्रमण कर दुकानें सड़क तक बढ़ाई हैं, उनका आवंटन निरस्त किया जाए या फिर उन्हें ध्वस्त किया जाए।
नैनीताल रोड के पार्कों में अवैध पार्किंग पर भी मेयर ने कहा कि पार्कों को खाली कराया जाएगा। पार्षद गुफरान ने मौलाना हकीम उल्ला लाइब्रेरी के निर्माण का मुद्दा उठाया।