हाईकोर्ट के नैनीताल से बेलबाबा शिफ्ट होने पर हल्द्वानी-रुद्रपुर रोड की तस्वीर भी बदल जाएगी। सरकार ने इस हाईवे से सटे तराई केंद्रीय वन प्रभाग की बेलबाबा के पास 30 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट के लिए चिन्हित की है। वर्तमान में इस हाईवे पर रोजाना 15 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। अनुमान है कि हाईकोर्ट बनने के बाद इस रूट में हर दिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या 45 हजार हो जाएगी। ऐसे में इसे टू लेन की जगह सिक्स लेन बनाने की जरूरत पड़ेगी जिसमें टू लेन सर्विस रोड होगी।
सड़क के टू लेन होने के कारण लगता है जाम
हर दिन तीन हजार से अधिक लोग करेंगे आवाजाही
हाईकोर्ट के बेलबाबा में शिफ्ट होने के बाद उत्तराखंड समेत आसपास के राज्यों से तीन हजार से अधिक लोग यहां रोज आवाजाही करेंगे। कोर्ट में हर दिन 800-1000 तक केस लिस्ट होते हैं। हर केस में जांच अधिकारी व अधिवक्ता के अलावा एक दो वादकारी भी शामिल होते हैं। इसके अलावा 1500 से अधिक अधिवक्ता, 500 से अधिक हाईकोर्ट का स्टाफ व पुलिस, अन्य सुरक्षा कर्मी और वादकारी शामिल होंगे।
नहीं चलेगा फोर लेन से काम
जानकारों का कहना है कि हाईकोर्ट शिफ्ट होने से रामपुर रोड पर वाहनों की आवाजाही के लिए फोर लेन पर्याप्त नहीं रहेगा। यातायात व्यवस्थित करने के लिए इसका विस्तार जरूरी है। इसे सिक्स लेन करना होगा जिसमें फोर लेन सड़क और टू लेन सर्विस रोड बनानी होगी। सिक्स लेन के इस प्रोजेक्ट में बेलबाबा से हल्द्वानी और रुद्रपुर की ओर फोर लेन सड़क और टून लेन सर्विस रोड रखनी होगी। यदि ऐसा न हुआ तो फिर जगह-जगह जाम की स्थिति बनेगी और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बढ़ेगा
हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद हल्द्वानी और रुद्रपुर से बेलबाबा की ओर पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बढ़ेगा। वादकारियों के आने-जाने के लिए इस रूट पर ई-रिक्शा और टेंपो आदि की आवाजाही में इजाफा होगा।
रामपुर रोड पर वर्तमान में हर दिन 15000 से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद इसके दो से तीन गुना तक बढ़ने की उम्मीद है। यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए वर्तमान टू लेन रोड कारगर साबित नहीं होगी और इसे सिक्स लेन करना होगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
-प्रत्यूष कुमार ईई लोनिवि हल्द्वानी।