फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यटक नगरी में कोई सिनेमा हॉल नहीं

Sat, 09 May 2015 01:15 AM IST
रवींद्र पांडे रवि /अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब नगर के हैरिटेज दोनों सिनेमाघरों के खुलने की उम्मीद जगी है। वर्तमान में फिलहाल नगर में एक भी सिनेमाहाल नहीं है। कुछ वर्षों पहले तल्लीताल स्थित विशाल सिनेमाघर के बिकने के बाद उसे ध्वस्त कर दिया गया। वहीं अशोक और कैपिटल सिनेमा हॉल करीब आठ वर्षों से बंद हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इन सिनेमा हॉलों के खुलने की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन


ब्रिटिश शासन में बने नगर के मल्लीताल स्थित अशोक और कैपिटल सिनेमा हॉल वर्ष 2006-07 से बंद हैं। कैपिटल सिनेमा पूर्व से ही पालिका की संपत्ति था, जबकि अशोक सिनेमा को पालिका ने 1948 में कर्नल मारवाह से खरीदा था। वर्ष 2004 में दोनों सिनेमा हॉलों की लीज अवधि समाप्त हो गई। फिर इसके बाद कुछ वर्ष पालिका और डीएम जिलाधिकारी की अनुमति से इसे एक-एक वर्ष के करार के साथ और चलाया गया।

2007 में पालिका की ओर से लीज रिन्युअल नहीं की गई। एक अगस्त 2007 को बतौर आर्बिटेटर तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त एस. राजू ने ओपन निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। पालिका अधिवक्ता के पक्ष रखने के बाद बाद पालिका बोर्ड में फिर इस पर मंथन शुरू हुआ।
विज्ञापन


बोर्ड बैठक में कुछ सभासदों के तीखे विरोध के बावजूद दोनों हॉल को पांच लाख रुपए वार्षिक में देने पर सहमति के चलते मामला शासन में चला गया और तभी से प्रकरण शासन में विचाराधीन हैं। हालांकि 2010 में तत्कालीन पालिका प्रबंधन ने शासन के आदेशों पर खुली निविदा की बात रखी, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया।

बीते दिनों ने पालिका बोर्ड में कुछ शर्तों के साथ दोनों सिनेमा हॉलों को 12 और सात लाख रुपए वार्षिक में देने पर सहमति व्यक्त कर इसे शासन में भेजा जाना तय किया। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सिनेमा हॉलों के खुलने की उम्मीद बलवती हुई है, जिससे सिनेमा प्रेमी खुश हैं।

अंग्रेजी फिल्मों के लिए लोकप्रिय था कैपिटल सिनेमा

फिल्म के शौकीन तथा रंगकर्मी सुरेश गुरूरानी बताते हैं कि कैपिटल सिनेमा में अंग्रेजी फिल्मों का खासा क्रेज था। भगवान यीशू पर आधारित अंग्रेजी फिल्म हरक्यूलिस, वैनहर तथा हारर आफ ड्रेकुला कई महीनों तक चलीं। गुरूरानी समेत शेरी राम, जेएस बिष्ट, राकेश दुआ, मंजीत सिंह काले बताते हैं कि अशोक सिनेमाहाल में लगी जय संतोषी माता तथा हर हर महादेव में दर्शकों ने भगवान के आगे सिक्कों की बौछार की, जिसे बाद में गेटकीपरों के बीच बांटा जाता था।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें