ज्योतिषाचार्य डॉ. मंजू जोशी के अनुसार, व्रत का पारण 24 अगस्त, सोमवार को दोपहर 1:41 से शाम 4:16 बजे के बीच किया जाएगा। इस बार पुत्रदा एकादशी रविवार को होने के कारण तुलसी दल को लेकर विशेष सावधानी रखनी होगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार को तुलसी पत्र नहीं तोड़ा जाता। उन्होंने बताया एकादशी के दिन भगवान को पीले वस्त्र, पीले पुष्प, फल और तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु विष्णु सहस्रनाम का पाठ और संतान गोपाल मंत्र का जाप भी करते हैं। इस दिन सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को वस्त्र, भोजन आदि का दान करने की भी परंपरा है।