मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नैनीताल से हाईकोर्ट को अन्यत्र शिफ्ट करना आसान तो नहीं है लेकिन इसे शिफ्ट करने के सुझाव मिले हैं और इनमें कई स्थानों के नाम सुझाए गए हैं। इनका परीक्षण कराया जाएगा। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट से भी बात कर निर्णय लिया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के लिए नैनीताल पहुंचे सीएम ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं।
सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ्ट किए जाने के संबंध में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े संगठनों ने प्रस्ताव दिए हैं। कई लोगों का मत है कि हाईकोर्ट को तराई में ले जाना चाहिए ताकि नैनीताल में पर्यटकों को और सुविधाएं मिल सकें। हाईकोर्ट से भी कुछ सुझाव मिले हैं। सीएम के अनुसार हाईकोर्ट शिफ्ट करने के लिए कई तरह की सुविधाएं चाहिए, इसलिए सभी सुझावों का परीक्षण कराया जा रहा है।
पेयजल संकट को देखते हुए रेड जोन चिह्नित करने के निर्देश
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बारिश कम होने से गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को रेड जोन चिह्नित कर वहां पेयजल वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। नैनीताल में पानी के बढ़े हुए बिलों को लेकर सीएम ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इसका परीक्षण कराया जाएगा कि ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास प्रदेश का संतुलित और सर्वांगीण विकास करना है, जिसमें महिलाओं का भी योगदान हो, इस दिशा में काम हो रहा है।
जन अपेक्षाओं के अनुकूल हो बजट : सीएम ने कहा कि गैरसैंण में बजट सत्र होना है। सरकार का प्रयास रहेगा कि बजट जनअपेक्षाओं के अनुकूल और समावेशी हो ताकि सर्व समाज के हितों को साधा जा सके।
21 ठीक रहेगा तो 22 स्वत: ही ठीक हो जाएगा
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव और महंगाई को लेकर पूछे गए सवाल को सीएम यह कहकर टाल गए कि अभी 2021 चल रहा है। 2021 ठीक रहेगा तो 2022 अपने आप ठीक हो जाएगा।