रामनगर वन प्रभाग के कोटा रेंज के ओखलढूंगा में पकड़े गए बाघ ने ही महिला की जान ली थी। मृतका के कपड़ों से मिले बाघ के बाल और पकड़े गए बाघ का डीएनए सैंपल जांच में मैच हो गया है। अब बाघ को ढेला रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जाएगा।
ओखलढूंगा निवासी शांति देवी (48) पत्नी नवीन जोशी बीती सात जनवरी को मवेशियों के लिए चारा लेकर घर लौट रही थीं। घर से करीब 100 मीटर पहले ही घात लगाए बाघ ने महिला की जान ले ली। घर से करीब 100 मीटर दूर जंगल में शांति देवी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। इसके बाद 11 जनवरी की देर रात को एक बाघ वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में फंसा था। बाघ के पकड़े जाने के बाद मृतका के कपड़ों से मिले बाघ के बाल और पकड़े गए बाघ के बाल को डीएनए जांच के लिए डब्ल्यूआईआई देहरादून भेजा गया था।
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ दिगंथ नायक ने बताया कि डीएनए सैंपल मैच हो गया है। इससे पुष्टि हो गई है कि महिला की जान पिंजरे में कैद हुए बाघ ने ही ली थी। उन्होंने बताया कि अब उक्त बाघ को ढेला रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जाएगा।