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Nainital News: ज्योलीकोट में जलजनित बीमारी से तीसरी मौत, 26 वर्षीय युवक ने तोड़ा दम

Thu, 24 Sep 2026 01:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीमारी की चपेट में आए 26 वर्षीय युवक की मौत से एक बार फिर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लगातार सामने आ रहे बीमारियों के मामलों और मौतों के बीच अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीमारी फैलने के बाद भी रोकथाम और उपचार के लिए प्रभावी कदम समय पर नहीं उठाए गए जिसका खामियाजा क्षेत्रवासियों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
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जानकारी के अनुसार, कैलाखान निवासी अमन सोनकर ( सौरभ) ज्योलीकोट क्षेत्र में ठेकेदार के साथ रहकर मजदूरी करता था। परिजनों के अनुसार, रक्षाबंधन पर घर आने के बाद उसे बुखार की शिकायत हुई थी। इसके बाद उसने ज्योलीकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और बुधवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर समुचित उपचार नहीं मिलने के कारण अमन की हालत गंभीर होती गई। घटना के बाद क्षेत्र में बीमारी को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ज्योलीकोट क्षेत्र में पिछले कुछ समय से उल्टी-दस्त, बुखार और पीलिया समेत जलजनित बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। क्षेत्र में इससे पहले भी दो मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में जांच और जागरूकता अभियान चला रही हैं।
तीन अस्पतालों में उपचार के बाद भी नहीं बच पाई जान
नैनीताल। मृतक के चचेरे भाई संजय सोनकर ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान घर आने पर उसे बुखार था। उसने ज्योलीकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया जिसके बाद उसकी तबीयत में कुछ सुधार हुआ था। परिजनों के मुताबिक बीते दिनों उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। मंगलवार को साथ काम करने वाले मजदूर उसे लेकर बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल पहुंचे। देर शाम चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसे रात करीब तीन बजे तक बेड नहीं मिल पाया। बाद में भर्ती किया गया लेकिन बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसकी मौत हो गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और उपचार व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।
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जमीनी स्तर पर कार्य नहीं कर रहा विभाग
क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पांडे ने कहा कि युवक की मौत से स्वास्थ्य विभाग की जमीनी निगरानी पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित निगरानी की जा रही होती तो मरीज की स्थिति की जानकारी समय पर मिल सकती थी और उसे उपचार उपलब्ध कराया जा सकता था। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो स्थानीय लोगों को फिर आंदोलन के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।

19 सितंबर को युवक का ज्योलीकोट पीएचसी में इलाज किया गया। मंगलवार की शाम को बीडी पांडे अस्पताल में डॉ. नेहा ने प्राथमिक उपचार किया। सुशीला तिवारी अस्पताल में भी रात दो बजे मरीज को भर्ती कर लिया गया था। सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर मौत हुई है। युवक की रिपोर्ट में डॉक्टर ने अल्कोहलिक विड्रॉल एंड्रयूज डेलिरियम लिखा हुआ है, जिस कारण उसकी अचानक तबीयत बिगड़ी है- डॉ. रश्मि पंत, सीएमओ, नैनीताल
इलाज के लिए सोशल मीडिया से मदद की अपील
नैनीताल। ज्योली गांव निवासी मंजू पांडे गंभीर जलजनित बीमारी से जूझ रही हैं। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें हल्द्वानी के निजी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने ऑपरेशन की जरूरत बताई है। लंबे समय से चल रहे इलाज में परिवार के लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं जिससे अब आर्थिक संकट गहरा गया है। बता दें कि पहले उनका हल्द्वानी दूसरे निजी अस्पताल में उपचार चला। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें रेफर किया गया। परिजनों के मुताबिक परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है और मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता है। ऐसे में महंगे इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से क्षेत्रवासियों और सक्षम लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की है।
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