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Nainital News: ढाई माह का संकट, तीन की मौत और सैकड़ों लोग बीमार

Thu, 24 Sep 2026 01:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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नैनीताल। ज्योलीकोट और आसपास के गांवों में दूषित पेयजल से शुरू हुआ स्वास्थ्य संकट ढाई से अधिक समय बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को 26 वर्षीय युवक की मौत की ने क्षेत्रवासियों की चिंता और बढ़ा दी। क्षेत्र में बीमार लोगों की संख्या 400 के पार पहुंच चुकी है। बीमारी से जूझ लगभग हर घर के लोग अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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ज्योलीकोट क्षेत्र में बीमारी के मामले जून से सामने आने लगे थे। शुरुआत में उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीज बढ़े, इसके बाद पीलिया और लिवर संक्रमण के मामले भी सामने आए। छह सितंबर तक 16 वर्षीय छात्र रितेश जीना और 26 वर्षीय नीमा जोशी की उपचार के दौरान मौत हो चुकी गई। अब 23 सितंबर को एक और युवक की मौत ने स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 13 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग के शिविरों में 471 लोगों की जांच कर 50 रक्त नमूने लिए जा चुके थे। इससे पहले 183 मरीजों में पीलिया की पुष्टि होने और प्रभावित क्षेत्र में मरीजों की संख्या 250 से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। 16 सितंबर तक 217 मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की सूचना थी जिनमें 179 सरकारी अस्पतालों में उपचार करा रहे थे। 20 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में 1684 लोगों की जांच कर चुका था।
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ज्योलीकोट में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर बुधवार को चोपड़ा में 24, ज्योली में 14 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 27 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान 20 ब्लड टेस्ट किए गए, जबकि 93 लोगों की काउंसलिंग की गई। दो लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया। सीएमओ ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमों को प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए हैं। इनमें सुरक्षित पेयजल, हाथ व भोजन की स्वच्छता और जलजनित रोगों के लक्षण और बचाव की जानकारी दी जाएगी।
बेतालघाट क्षेत्र में घर-घर जलजनित रोगों की जानकारी जुटाई
गरमपानी। जलजनित रोगों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बेतालघाट क्षेत्र में विशेष अभियान शुरू किया है। बुधवार को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिलाषा पांडे के निर्देश में आशा कार्यकर्ता और एएनएम की टीम ने घर-घर पहुंचकर बुखार, उल्टी-दस्त, पीलिया समेत जलजनित रोगों के लक्षण वाले लोगों की जानकारी जुटाई। संदिग्ध मरीजों को जांच और उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने की सलाह दी जा रही है।
मां-पिता के बाद भाई का भी छूटा साथ
अमन उर्फ सौरभ तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। वह मेहनत मजदूरी का काम करता था। उसकी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि बड़ा भाई शुभम अविवाहित है और निजी नौकरी करता है। अमन के माता-पिता का भी पूर्व में ही निधन हो चुका है। माता-पिता के निधन के बाद दोनों भाई ही एक दूसरे का सहारा थे।
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ज्योलीकोट प्रकरण में अब तक
20 जून- सीवर का पानी स्रोत में जाने की सूचना मिली।
25 जून- ग्रामीणों ने जल संस्थान और जल निगम के कर्मचारियों को स्थिति से अवगत कराया।
31 अगस्त- नाराज ग्रामीणों ने जलसंस्थान के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
05 सितंबर- स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी शुरू की।
06 सितंबर- ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पानी के कारण बीमारी से दो मौतें हुईं।
08 सितंबर- मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने पीसीबी को जलस्रोतों से 20-25 सैंपल लेने और निजी लैब से भी पानी की जांच कराने के लिए कहा।
15 सितंबर- हाईकोर्ट में पीसीबी की ओर से लिए गए 10 सैंपल जांच में फेल पाए गए। कोर्ट ने मुख्य सचिव को मामले की निगरानी और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
21 सितंबर- शासन ने जांच/जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर जल संस्थान और पेयजल निगम के छह अभियंताओं को निलंबित किया।
23 सितंबर- 26 वर्षीय कैलाखान निवासी अमन सोनकर की ज्योलीकोट क्षेत्र में मजदूरी करते वक्त दूषित पानी पीने से बीमारी के कारण मौत का आरोप लगा है।
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