नैनीताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों के संयुक्त सुरक्षा ऑडिट का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा जोखिम को कम करना है। गठित समितियों को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
इस ऑडिट में अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र, निगरानी कैमरे और भवन सुरक्षा सहित 19 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच होगी। जिलाधिकारी ने देश में शैक्षणिक संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को अत्यंत आवश्यक बताया। यह निरीक्षण अभियान व्यापक सुरक्षा मानकों के आधार पर चलाया जाएगा। गठित समितियां अपने-अपने क्षेत्राधिकार में यह कार्य सुनिश्चित करेंगी। निरीक्षण के दौरान संस्थान की मान्यता, पंजीकरण और अनुमति पत्रों की जांच होगी। अग्नि अनापत्ति प्रमाणपत्र की उपलब्धता और वैधता भी जांची जाएगी। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति होगी।
जांच के प्रमुख पहलू
जांच में विद्युत वायरिंग, उपकरणों और गैस भंडारण जैसे अग्नि जोखिम कारकों का परीक्षण होगा। कक्षाओं, गलियारों और सीढ़ियों की पर्याप्त चौड़ाई भी देखी जाएगी। आपदा प्रबंधन योजना, निकासी मानचित्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की उपलब्धता जांची जाएगी। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए निगरानी कैमरे, पृथक शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं भी जांची जाएंगी। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम निकासी व्यवस्था और प्राथमिक उपचार की समीक्षा भी होगी।