नैनीताल/हल्द्वानी। पांच से बारह वर्ष के बच्चों को कोरोना का टीका लगाए जाने का रंगकर्मियों और लोकगायकों ने भी स्वागत किया है। रंगकर्मियों का कहना है कि जब से संक्रमण शुरू हुआ है तभी से वह अपने स्तर से अलग अलग माध्यमों से लोगों को कोरोना का टीका लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अनिवार्य रूप से खुद भी और अपने पाल्यों को भी कोरोना से बचाव के लिए टीका जरूर लगवाएं।
- स्कूली बच्चों के अभिभावकों को कोरोना टीकाकरण के प्रति और अधिक जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वह अपने पांच से 12 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण करा सकें। इसके लिए हम सभी रंगकर्मी नुक्कड़ नाटक और स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगे। - मिथिलेश पांडे वरिष्ठ रंगकर्मी नैनीताल।
पांच से 12 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण का सरकार का फैसला सराहनीय है। अब अभिभावक स्वयं ही कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जागरूक है लेकिन अभी भी जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। हम भी अपने स्तर पर लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। - अदिति खुराना, रंगकर्मी नैनीताल।
- मैं अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न सोशल मीडिया के प्लेटफार्म के जरिए और अपने गीतों के माध्यम से बच्चों तक टीकाकरण के संबंध में अधिक से अधिक संदेश पहुंचाऊंगी ताकि अधिक से अधिक संख्या में अभिभावक बच्चों को टीका लगाने के लिए आगे आएं। - माया उपाध्याय, लोकगायिका
- खुश हूं कि अब अपनी मां की तरह मैं भी कोविड टीका लगवा सकूंगा। मैं अपने सारे दोस्तों, स्कूल के साथियों से टीका लगवाने के लिए आगे आने की अपील करता हूं। मैं यूट्यूब और इंस्टाग्राम में भी यह अपील करूंगा ताकि सब बच्चे टीका लगाकर सुरक्षित रह सकें। - दक्ष कार्की, छात्र और उभरता युवा गायक।
हल्द्वानी। कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया भर में फैलने की वजह से बहुत से लोग इस बीमारी के ख़तरों को लेकर चिंतित हैं। जाहिर है ऐसे मुश्किल वक़्त में बच्चे सलाह और मदद के लिए अपने मां-बाप की ओर उम्मीद भरी नजरों से निहारते हैं।
केंद्र सरकार ने अब छोटे बच्चों खासकर पांच से 12 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए भी टीके को मंजूरी दे दी है। डॉक्टर से लेकर अधिकारी, शिक्षक और रंगकर्म से जुड़े कलाकार भी अपनी ओर से टीकाकरण के लिए अपील कर रहे हैं।