नैनीताल। हाईकोर्ट से नियमानुसार कार्रवाई के लिए आदेश के बाद शहर में अवैध कब्जों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। पालिका की ओर से नोटिस वापस लेने का जवाब दाखिल करने पर मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने कहा कि नियमानुसार प्रशासन 15 दिन पहले नोटिस जारी कर अतिक्रमण चिह्नित करे और उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है।
30 अप्रैल को शहर में बालिका से दुष्कर्म हुआ था। इसमें 73 वर्षीय मो. उस्मान को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद पालिका की ओर से 62 लोगों को तीन दिन में अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी। हाईकोर्ट ने इसे सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था का उल्लंघन बताते हुए पालिका को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस वापस लेने के आदेश दिए थे। सुनवाई के दौरान नगर पालिका ने बताया कि उन्होंने मो. उस्मान सहित 62 अन्य लोगों को जारी नोटिस निरस्त कर दिए हैं। सीएससी चंद्रशेखर सिंह रावत ने बताया कि हाईकोर्ट ने सुनवाई में कहा कि प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। अतिक्रमण हटाने से पहले सभी को 15 दिन पहले नोटिस दिया जाए। इसके बाद अतिक्रमण चिह्नित कर प्रशासन उसका ध्वस्तीकरण कर सकता है।