हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रसव के दौरान बच्चे की मौत होने और गर्भाशय निकाले जाने के मामले में अस्पताल प्रशासन, शासन और सरकार को हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिया है।
हल्द्वानी निवासी ममता भट्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सात जुलाई 2013 को एसटीएच हल्द्वानी में प्रसव के लिए वह भर्ती हुई थी। डाक्टरों की लापरवाही के कारण उसके बच्चे की मौत हो गई।
बाद में डाक्टरों ने उसकी बच्चेदानी भी निकाल दी। इसकी शिकायत करने पर शासन ने एक जांच कमेटी बनाई। याचिकाकर्ता के मुताबिक इस कमेटी ने आरोपी डाक्टरों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की। ममता भट्ट ने इस मामले की स्वतंत्र निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी।
सोमवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पक्षों की सुनवाई के बाद पीठ ने अस्पताल प्रशासन, शासन और सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।