वन निगम चेयरमैन हरीश धामी ने कहा कि अक्तूबर से नदियों में खनन कराने की तैयारी है। इस बार खनिज निकासी की मात्रा दोगुनी तक करने की योजना है। कहा कि वन निगम में कार्य के दौरान श्रमिक की मौत पर अब पांच लाख की तात्कालिक सहायता दी जाएगी।
हरीश धामी ने बुधवार को यहां आरएम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वन निगम की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के जरिए नदियों का अध्ययन किया जाएगा। इसकी पूरी संभावना है कि जो नदियों में खनन हो रहा है, वह लक्ष्य से दोगुना हो जाएगा।
इसके अलावा व्यवस्थित खनन के लिए गेटों पर सीसीटीवी कैमरे, वाहनों में रेडियम टेप, स्पीड गवर्नर, वाहन पर अलग से उसके चेसिस, इंजन, नंबर बताने वाले बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके बिना डंपरों को खनन क्षेत्र में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।
ओवरलोडिंग आदि रोकने के लिए भी खनन साफ्टवेयर आदि में बदलाव किया जा रहा है। इसके अलावा वन निगम का कोई भी कार्य करते समय किसी भी श्रमिक की मौत हो जाती है, उसके परिवार की मदद के लिए पांच लाख की तात्कालिक मदद दी जाएगी।
अभी तक तात्कालिक मदद के तौर पर केवल सात हजार मिलते थे। गेटवार हेल्थ कैंप लगाने के साथ डाक्टरों की तैनाती की जाएगी। श्रमिक के जो बच्चों के पढ़ने के लिए पहले स्कूल आदि की व्यवस्था की गई थी जो बाद में बंद हो गई थी।
इस बार यह स्कूल खोले जाएंगे। यह स्कूल चलें इसे सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी वन निगम के डीएलएम आदि अधिकारियों को दी जाएगी।