मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत ने कहा कि राज्य के पर्वतीय इलाकों में वन उत्पाद एवं कृषि उत्पाद आधारित उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
इन उद्योगों को दी जाने वाली बिजली की दरें भी कम रहेंगी। नये उद्योगों की अपेक्षा पुरानी फैक्ट्रियां एवं कारखाने बंद होने के बारे में पूछे सवाल पर श्री रावत ने कहा कि इसके लिए कोई ओर नहीं बल्कि हर समय ‘नेतागिरी’ जिम्मेदार है। उद्योगों को बढ़ाने के लिए इस समस्या को दूर करना होगा।
उन्होंने काठगोदाम सर्किट हाउस में बुधवार को पत्रकारों से कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग नीति घोषित कर दी है। उन्होंने बताया कि राज्य में हरियाली को बढ़ावा देने के मकसद से प्रत्येक जिले में हरियाली पर्व का आयोजन किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण को संस्कृति से जोड़ने के लिए इस बार प्रदेश में 10 से 18 जुलाई तक आओ मनाये हरेला अभियान चलेगा। प्रदेश भर में 17 जुलाई को गांवों में पौधरोपण की प्रतिस्पर्धा होगी। इसमें जिसका पौधा अच्छा होगा उसे हरेला महिला के रूप में चयनित किया जाएगा।
विजेता को अगले साल के हरेला पर्व तक पांच सौ रुपये प्रतिमाह पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक गणेश गोदियाल, यूथ कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजय बिष्ट आदि मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने हरेला अभियान को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की।