हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में गंगा आरती के विवाद मामले पर आरती पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश देते हुए अधिवक्ता संगीता भारद्वाज को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए वहां की रिपोर्ट 26 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। गंगा सेवा समिति ऋषिकेश व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गंगा सेवा समिति एक रजिस्टर्ड समिति है जो त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में विगत 23 वर्षों से अधिक समय से संध्याकालीन आरती करती आ रही है।
याचिका में कहा कि याचिकाकर्ता ने गंगनहर ऋषिकेश निवासी विपक्षी चंद्र शेखर शर्मा व अन्य के खिलाफ ऋषिकेश न्यायालय में वाद दायर किया कि उनको व उनके प्रतिनिधियों के विरूद्घ निषेधाज्ञा आदेश के माध्यम से निषिद्घ किया जाए कि विपक्षीगण त्रिवेणी घाट ऋषिकेश स्थित कार्यालय में बलपूर्वक कब्जा न करें तथा याचिकार्ता की ओर से कृष्ण अर्जुन रथ के नीचे की जा रही आरती में व्यवधान उत्पन्न न करें।
याचिका में कहा कि 1 अक्टूबर 2015 को विपक्षीगण कुछ व्यक्तियों को साथ लेकर आए एवं धमकी देने लगे कि वे अब इस कार्यालय का कब्जा उन्हें दे दें। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पक्षकारों को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए है। इस प्रकरण पर कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर मौके का मुआयना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है।