हल्द्वानी। खेल निदेशालय ने चार साल से बदहाल तरणताल की सुध ली है। विभागीय अधिकारियों से इसका पूरा ब्योरा तलब किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में तरणताल के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है। रामपुर रोड पर मेडिकल काॅलेज परिसर के पास बने तरणताल में प्रशिक्षण प्राप्त कर खिलाड़ी नेशनल व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं लेकिन तरणताल बदहाली के आंसू बहा रहा है। फिल्टर प्लांट नहीं बदलने और देखरेख के अभाव में वर्ष 2021 से यह जीर्णशीर्ण हालत में है।
ऐसे में शहर के तैराकों को अपना हुनर निखारने के लिए गौलापार की दौड़ लगानी पड़ रही है। खेल विभाग के अनुसार तरणताल का फिल्टर प्लांट ठीक से काम नहीं कर रहा था। कोरोनाकाल में यह पूर्ण रूप से बंद रहा। इस बीच वहां दीवार आदि क्षतिग्रस्त हो गई। फिल्टर प्लांट की मरम्मत व जीर्णोद्धार के लिए शासन को पत्र भी भेजा लेकिन सुनवाई न होने पर इसे बंद करना पड़ा। तरणताल हर वर्ष 15 अप्रैल से 15 अक्तूबर तक चलता था। खास बात यह है कि तरणताल से विभाग को हर साल 5.80 लाख की आय भी हो रही थी, इसके बावजूद किसी ने सुध नहीं ली। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में वर्ष 2022 में स्वीमिंग पूल शुरू होने के बाद इसकी उपेक्षा होती रही। अब अगर तरणताल को फिर से शुरू किया तो खिलाड़ियों व युवाओं को सहूलियत होगी।