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Nainital News: अंग्रेजों के जमाने से हो रही तल्लीताल की रामलीला का क्रेज आज भी बरकरार

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प्रतीकात्मक।
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नैनीताल। कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली रामलीलाओं का समृद्धशाली अतीत है। नैनीताल में तल्लीताल रामलीला समिति की ओर से 128 वर्ष पूर्व रामलीला की शुरुआत की गई। 1927 में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी कमेटी के अध्यक्ष रहे। आज भी रामलीला देखने के लिए नगर में लोगों की भीड़ उमड़ती है।
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नैनीताल के तल्लीताल में अंग्रेजी हुकूमत के दौरान वर्ष 1897 में हिंदू-मुस्लिम समेत अन्य धर्म के लोगों के संयुक्त प्रयासों से रामलीला की शुरुआत हुई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कलाकार के रूप में भी अभिनय किया। पहले रामलीला वीरभट्टी दुर्गापुर में होती थी जो स्व. दुर्गा साह ने शुरू करवाई। बाद में रामलीला वीरभट्टी के बजाय पहले प्राइमरी स्कूल और अब स्कूल के पास ही रामलीला मंचन होता है। मल्लीताल रामसेवक सभा की ओर से की जाने वाली रामलीला की शुरुआत स्व. लक्ष्मी लाल साह (कमांडर साहब) ने मल्लीताल में 1918 से कराई। शेर का डांडा में वर्ष 1973 और सूखाताल में 1956 में रामलीला शुरू हुई। नगर की चारों धार्मिक संस्थाओं की ओर से रामलीला की तैयारियां की जा रही हैं। सोमवार को पहले नवरात्र पर रामलीला मंचन की शुरुआत होगी।
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