हल्द्वानी। बरेली रोड क्षेत्र के 25 गांवों को नहर के निर्माण के दौरान भी सिंचाई के लिए पानी मिलता रहेगा। 10 दिन काम जारी रखने के बाद दो दिन नहर में पानी छोड़ा जाएगा। साथ ही गोरापड़ाव से मोटाहल्दू के बीच गांवों को पाने देने वाले लालकुआं फीडर का पुनर्निर्माण कर उसे कवर करने जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनी है।
सोमवार को गोरापड़ाव के हरिपुर तुलाराम गांव में सिंचाई विभाग व जमरानी बांध परियोजना के अफसरों के साथ पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने गौलावार नहर के बगल वाली छोटी नहर को बंद न करने, बंद पड़े कुलावों को खोलने, नहरों की सफाई करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि गौलावार नहर से क्षेत्र के 20 से 25 गांवों के काश्तकार जुड़े हैं। तय किया कि 10 दिन नहर में निर्माण कार्य करने के बाद दो दिन सिंचाई के लिए पानी खोला जाएगा। नहरों के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाने, नहरों को साफ रखने पर भी सहमति बनी। बैठक में प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल अधिकारी, प्रधान तुलसी बिष्ट, बाला दत्त लोशाली, रमेश चंद्र जोशी, चिंतामणि जोशी, वीरेंद्र मेहरा, राजेंद्र दुर्गापाल, कमला दुर्गापाल समेत फत्थाबंगर, हाथीखाल, गोरापड़ाव, अर्जुनपुर आदि गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
काश्तकारों को सिंचाई के लिए पानी न मिलने की शिकायत के बाद इसका संज्ञान लिया गया। जमरानी बांध परियोजना के अफसरों के समक्ष किसानों की समस्याओं को रखा गया। उनकी मांगों को मान लिया गया है।
दिनेश रावत, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग को मांगा स्टीमेट
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के तहत नहरों से गुजर रहीं पेयजल लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। बिजली पोल भी स्थानांतिरत किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों से इस्टीमेट मांगा गया है। अभी गौलावार और पाहा नहर में यह काम किया जाएगा। संवाद