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Ramnagar: हमलावर बाघ पकड़ा गया...ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा, सैंपल लेकर जांच के लिए देहरादून भेजा गया

Tue, 18 Feb 2025 11:21 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, रामनगर

सार

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हमलावर बाघ को चिह्नित करते हुए उसे रविवार देर रात ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया गया। बाघ को ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बाघ के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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हमलावर बाघ पकड़ा गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हमलावर बाघ को चिह्नित करते हुए उसे रविवार देर रात ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया गया। बाघ को ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। बाघ के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। सात जनवरी को दैनिक श्रमिक प्रेम सिंह को बाघ ने मार डाला था। इसके बाद 13 फरवरी को गश्त के दौरान दैनिक श्रमिक गणेश पंवार पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। बाघ के हमले में घायल दैनिक श्रमिक का काशीपुर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है और अब वह खतरे से बाहर है। वहीं, ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए हमलावर बाघ को पकड़ने के लिए वन कर्मियों की टीम लगी हुई थी और एक बाघ जो बार-बार घटना वाले स्थान पर पहुंच रहा था, उसको चिह्नित किया गया।

बाघ को पकड़ने के लिए बिजरानी रेंज के सांवल्दे दक्षिणी बीट पर एक शिकार रखा गया। रविवार देर रात जब बाघ शिकार के पास पहुंचा तो कॉर्बेट पार्क के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डाॅ. दुष्यंत शर्मा ने उसे ट्रैंकुलाइज कर दिया। बाघ के ट्रैंकुलाइज किए जाने के बाद रात में ही बिजरानी रेंजर भानु प्रकाश हर्बाेला ने बाघ को ढेला रेस्क्यू सेंटर में भेजा।

डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल देहरादून भेजा

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सात जनवरी को दैनिक श्रमिक प्रेम सिंह को मारने और 13 फरवरी को गश्त के दौरान दैनिक श्रमिक गणेश पंवार पर बाघ के हमले के मामले में बाघ के बाल आदि के सैंपल दोनों के शरीर लिए गए थे। अब पकड़े गए बाघ से बाल के सैंपल लेकर डब्ल्यूडब्ल्यूआई देहरादून भेजा गया है। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद ही पता चलेगा कि पकड़ा गया बाघ वहीं है, जिसने दोनों घटनाओं को अंजाम दिया है और कोई और।

जंगल नहीं जाने की अपील की
पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि सांवल्दे जिस क्षेत्र में घटना हुई वह बाघ बहुल क्षेत्र है। वहां पर ग्रामीणों का जंगल में प्रवेश करना प्रतिबंधित है। ऐसे में ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि अभी उसी क्षेत्र में और भी बाघ घूम रहे हैं।

रविवार रात को वन कर्मियों और पशु चिकित्सक की टीम ने ट्रैंकुलाइज कर एक बाघ को पकड़ा है। रात में ही बाघ को ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजा गया था। डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल भेजे गए हैं। - डाॅ. साकेत बडोला, सीटीआर निदेशक।

 

संयुक्त संघर्ष समिति का धरना समाप्त, 24 को महापंचायत

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कॉर्बेट प्रशासन की ओर से हमलावर बाघ को पकड़ने के बाद पांच दिन से सांवल्दे वन चौकी पर चल रहे धरने को समाप्त कर दिया गया है। वक्ताओं ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जंगली जानवरों से इंसानों, फसलों व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 24 फरवरी को सुबह 11 बजे से वन चौकी के पास सांवल्दे में महापंचायत की जाएगी। इसमें कार्बेट प्रशासन की ओर से ग्रामीणों पर लगाए गए फर्जी मुकदमे रद्द किए जाने, सीटीआर निदेशक डाॅ. साकेत बडोला, उपनिदेशक राहुल मिश्रा व रेंजर भानु प्रताप पर पद का दुरुपयोग एवं लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उनक पर केस दर्ज करने, मुआवजे की राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने समेत अन्य मांगों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।

समिति ने नए चांदनी पर्यटन जोन का विरोध कर रहे ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया है। समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या उसकी धारण क्षमता के मुकाबले चार गुना हो गई है। लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि सीटीआर से बाघाें को अन्यत्र भेजा जाए।

बैठक में निवर्ततान ब्लाॅक प्रमुख रेखा रावत, समाजवादी लोकमंच के मुनीष कुमार, संजय मेहता, भुवन चंद्र, बालम थापा, गीता आर्य, नरगिस, प्रकाश पांडेय, गिरीश चंद्र बोडाई, कौशल्या, भगवती, मीणा लकचौरा, सरस्वती, ललित पांडे, इंद्रलाल, सुनीता, सरोज, पुष्पा, जमीला आदि थे। 

दो तेंदुए एक साथ देखे जाने से सहमे ग्रामीण
बेतालघाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत कफुल्टा में बीते कुछ समय से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। रविवार को ग्रामीणों को एक साथ दो तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। तेंदुआ अब तक चार जानवरों को मार चुका है। दहशत के चलते लोग शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। गांव के भरत रमोला ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। 

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