प्रदेश में ई-रिक्शा संचालन को लेकर सभी बातें तय हो गई है। ई-रिक्शा पर टेंपो की तरह ही सभी नियम और मानक लागू होंगे। बस ड्राइवर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुछ छूट और सुविधा दी गई है।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर यान नियमावली-1989 में संशोधन कर ई-रिक्शा संचालन को हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद राज्य में इनको कैसे चलाए जाए, इसके लिए उप परिवहन आयुक्त एसके सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी शासन ने गठित की। इस कमेटी ने जो रिपोर्ट तैयार की है, इसमें कहा गया है कि ई-रिक्शे को टेंपो की तरह रजिस्ट्रेशन, फिटनेस कराने के साथ एक निश्चित टैक्स देना होगा। इसके अलावा चलाने के लिए परमिट भी लेना होगा।
डीलरों के लिए भी नियम
ई-रिक्शा बेचने वाले को भी अन्य वाहन विक्रेताओं की तरह ही आरटीओ कार्यालय में डीलर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जो भी ई-रिक्शा का मॉडल राज्य में संचालित करना होगा, उस मॉडल को परिवहन मुख्यालय से एप्रूवल कराना होगा, तभी उसका रजिस्ट्रेशन आरटीओ/एआरटीओ कार्यालय में कराना होगा।
प्रशिक्षण में मिलेगी छूट
टेंपो चालक को वाहन चलाने से पहले मोटर ट्रेनिंग स्कूल से एक महीने का प्रशिक्षण लेना और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, पर ई-रिक्शा चालक डीलर के माध्यम से ट्रेनिंग कर सकेंगे। इनकी अवधि भी केवल 10 दिन की होगी।