हल्द्वानी। नवरात्र के पर्व पर गौलापार स्थित मां कालीचौड़ मंदिर में हजारों लोगों देवी के दरबार में मत्था टेका। मंदिर में विद्वानों ने नवान्ह यज्ञ की महिमा का वर्णन के साथ मधु कैटभ नरसंहार की कथा का वर्णन किया गया। कथा सुनने के लिए काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी।
इसी प्रकार शहर और देहात के अन्य मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए भीड़ उमड़ी थी। गौलापार कालीचौड़ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए सुबह से ही भीड़ लग गई थी। लोग ट्रैक्टर और अन्य वाहनों से दर्शन पूजन के लिए संकरे रास्ते से होकर गए। कालीचौड़ में देवी सौम्य रूप में विराजमान है।
दोपहर बाद भीड़ समाप्त हो गई। शाम के समय मंदिर में कथा वाचक डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने देवी भागवत के अनुसार सत्राजीत राजा के शमन तक की कथा सुनाई। इसके बाद मधु कैटभ के नरसंहार, नवान्ह यज्ञ की महिमा का वर्णन सुनाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया।
कथा के दौरान मंदिर के पुराने पुजारी हरिदत्त शर्मा, यज्ञाचार्य दिनेश चंद्र तिवारी, भुवन चंद्र जोशी,चंद्र शेखर तिवारी, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, सचिव पंकज सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, संस्थापक सदस्य मनोज गोस्वामी, वसंत सनवाल, नरेंद्र मेहरा दिनेश चंद्र लोशाली आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार लटूरिया बाबा आश्रम मंदिर, शीतला मंदिर, जगदंबानगर देवी मंदिर, प्राचीन देवी मंदिर रामलीला मोहल्ला, सत्यनाराण मंदिर आदि देवालय सजाए गए थे।