हल्द्वानी। निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ कराने की भी तैयारी कर रखी है। निर्वाचन आयोग के आदेश पर इस बार विधानसभा चुनाव में जिले के 503 मतदेय स्थलों पर बेब कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से जुड़े रहेंगे तथा किसी भी मतदेय स्थल का लाइव सीधे देखा जा सकेगा। अगर कहीं कुछ गड़बड़ी होती है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि जिले में कुल 1005 मतदेय स्थल हैं जिनमें से 50 फीसदी मतदेय स्थलों यानी कि 503 मतदेय स्थलों पर बेब कैमरे लगाए जाएंगे। बेब कैमरों का संचालन करने के लिए पोलिंग पार्टी के साथ अतिरिक्त रूप से एक- एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। जिसका कार्य केवल वेब कैमरे को लगाना और उसका संचालन करना होगा। उन्होंने बताया कि वेब कैमरे कैसे लगाए जाएंगे और इनका संचालन किस तरह किया जाएगा, इसको लेकर ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि चिह्नित मतदेय स्थलों पर लगाए जाने वाले वेब कैमरे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से अटैच रहेंगे और राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी मतदेय स्थल का लाइव देख सकेंगे।
अपने खर्चे पर ड्यूटी करने को मजबूर उपनल कर्मचारी
जिले के मतदेय स्थलों पर लगने वाले वेब कैमरे के लिए उपनल एवं अन्य जिन कर्मचारियों की ड्यूटी निर्वाचन कार्यालय की ओर से लगाई गई हैं, उन्हें निर्वाचन ड्यूटी के नाम पर न तो कोई भत्ता दिया जा रहा है और न ही कोई टीए, डीए दिया गया। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें बेव कैमरे के साथ डूंगल और पावर बैंक दिया गया है लेकिन इसके रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं है। वे मतदेय स्थल तक कैसे जाएंगे, इसकी कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कोई भत्ता दिया गया है। ऐसे में उन्हें अपनी जेब से ही मतदेय स्थल तक आने -जाने का खर्चा करना मजबूरी है।
इस संबंध में उपजिला निर्वाचन अधिकारी अशोक जोशी का कहना है कि सभी को निर्वाचन ड्यूटी का भत्ता मिलेगा। कुछ कर्मचारियों को एडवांस मिल जाता है कुछ को बाद में मिलता है। उपनल कर्मियों को भी ड्यूटी भत्ता बाद में दिया जाएगा। चिंता न करें।