हल्द्वानी। बरेली की आंवला चौकी में टैंकर चालकों की हड़ताल का असर मंगलवार को जिले की ईंधन आपूर्ति पर साफ नजर आया। बीपीसीएल के कई पेट्रोल पंपों पर सप्लाई प्रभावित रही। बरेली रोड स्थित तीनपानी के पास एक पेट्रोल पंप दोपहर करीब 12 बजे से दो बजे तक डीजल विहीन हो गया। सूचना मिलते ही तेल कंपनी और पूर्ति विभाग ने काठगोदाम डिपो से तत्काल ईंधन भिजवाया लेकिन आपूर्ति पहुंचने में देरी के चलते कई वाहन चालकों को बिना डीजल लौटना पड़ा।
बरेली के आंवला डिपो में टैंकर चालकों ने रोज तेल भरने और रोज खाली करने का विरोध करते हुए मंगलवार को हड़ताल शुरू कर दी थी। चालकों का कहना था कि इस प्रणाली में उन्हें प्रतिदिन 600 किलोमीटर से अधिक वाहन चलाना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण कुमाऊं क्षेत्र के 50 से 60 टैंकरों की आपूर्ति बाधित रही। हालांकि देर शाम वार्ता के बाद मामला सुलझ गया और टैंकरों में फिर से ईंधन भरना शुरू हो गया। चालकों के अनुसार बुधवार सुबह तक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
100 से अधिक चालक-हेल्पर हड़ताल में शामिल
जिले में ईंधन आपूर्ति से जुड़े करीब 100 चालक और हेल्पर भी हड़ताल में शामिल हुए। टैंकर चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ने बताया कि देहरादून स्थित कंपनी अधिकारियों के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि आंवला डिपो से ईंधन भरने वाले चालकों ने अपनी मांगों के लिए संचालन रोका था। उन्होंने बताया कि एक टैंकर से एक बार में 12 हजार से 20 हजार लीटर तक पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जाती है।
छुट्टी के बीच बढ़ी चिंता
जिले में कुल 99 पेट्रोल पंप हैं जिनमें लगभग आधे एचपीसीएल के हैं।पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि बुधवार के लिए कंपनी से अतिरिक्त ईंधन की मांग की गई है। उनका कहना है कि अभी स्थिति गंभीर नहीं है लेकिन सरकारी अवकाश के कारण आपूर्ति बाधित होने पर संकट गहरा सकता है।
15 फीसदी बढ़ गई डीजल की खपत
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के बीच जिले में ईंधन की खपत में इजाफा दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष मार्च में जिले में 7641 केएल डीजल और 5880 केएल पेट्रोल की बिक्री हुई थी। इस बार डीजल की बिक्री बढ़कर 8790 केएल और पेट्रोल की 6350 केएल पहुंच गई। यानी डीजल की खपत में करीब 15 फीसदी और पेट्रोल में आठ फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है।
कोट
टैंकर चालकों की हड़ताल खत्म हो गई है। मंगलवार को एक पंप के ड्राई होने की सूचना पर कंपनी डिपो से ईंधन उपलब्ध करा दिया था। इसमें थोड़ा समय लग गया। - मनोज वर्मन, जिला पूर्ति अधिकारी