सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के 15 जनवरी 2015 के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें नैनीताल स्थित मनुमहारानी के पास स्थित दुकानों को 15 दिन के भीतर तोड़ने को कहा गया था।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित न्यायमूर्ति एके सीकरी एवं न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी प्रदीप सिंह बिष्ट एवं अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर 15 जनवरी 2015 को नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से नैनीताल में मनुमहारानी होटल के निकट स्थित दुकानों के ध्वस्तीकरण के आदेश को चुनौती दी थी।
प्रदीप सिंह बिष्ट ने बताया कि अपील में कहा गया था कि नैनीताल स्थित मनुमहारानी होटल के पास स्थित यह दुकानें वर्षों पूर्व निर्मित की गई थीं जो कि निजी भूमि पर बनी हैं। उन दुकानों से उनका रोजगार चलता है तथा उससे ही उनके परिवारों का पालन-पोषण किया जाता है। पक्षों की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश देते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।